सौरभ द्विवेदी का जीवन परिचय: पत्रकारिता से डिजिटल मीडिया तक का प्रेरणादायक सफर

 

भारतीय पत्रकारिता के बदलते दौर में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने न सिर्फ खबरें बताईं, बल्कि लोगों को सोचने का नजरिया भी दिया। सौरभ द्विवेदी उन्हीं नामों में से एक हैं। सरल भाषा, गहरी रिसर्च और बिना शोर मचाए सवाल पूछने की कला ने उन्हें आज के समय का सबसे भरोसेमंद पत्रकार बना दिया है। वह एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक विचार, एक स्कूल ऑफ थॉट और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। 

सौरभ द्विवेदी कौन हैं?

सौरभ द्विवेदी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार, लेखक, संपादक और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म The Lallantop के संस्थापक संपादक हैं। वे लंबे समय तक इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े रहे और आज डिजिटल पत्रकारिता का एक मजबूत चेहरा माने जाते हैं।

सौरभ द्विवेदी की शुरुआती जिंदगी

सौरभ द्विवेदी का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उनका बचपन एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में बीता, जहां पढ़ाई और विचारों को महत्व दिया जाता था। बचपन से ही उन्हें किताबें पढ़ने, अखबार देखने और सवाल पूछने की आदत थी। यही आदत आगे चलकर उनकी पहचान बनी।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि

 सौरभ द्विवेदी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश से की।
इसके बाद उन्होंने:

  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की
  • यहीं से उनकी पत्रकारिता में रुचि और मजबूत हुई

इलाहाबाद विश्वविद्यालय को राजनीति और पत्रकारिता की नर्सरी कहा जाता है और सौरभ द्विवेदी इसी माहौल में तैयार हुए।

पत्रकारिता की शुरुआत

सौरभ द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। उन्होंने कई प्रतिष्ठित अखबारों और पत्रिकाओं में काम किया, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, लेखन और संपादन की बारीकियां सीखी।
शुरुआत में उन्होंने:

  • ग्राउंड रिपोर्टिंग की
  • राजनीतिक खबरों पर काम किया
  • समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों को कवर किया

इंडिया टुडे ग्रुप में सफर

सौरभ द्विवेदी को असली पहचान तब मिली जब वे इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े। यहां उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं:

  • राजनीति और करंट अफेयर्स की गहरी रिपोर्टिंग
  • टीवी और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म पर काम
  • लंबे फॉर्मेट के इंटरव्यू और विश्लेषण

उनकी खासियत यह रही कि वे शोरगुल वाली डिबेट से दूर रहकर तथ्य और संदर्भ पर बात करते रहे।

The Lallantop की स्थापना

 साल 2016 में सौरभ द्विवेदी ने The Lallantop की शुरुआत की। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर:

  • आम हिंदी भाषी दर्शकों के लिए
  • सरल, सीधी और समझ आने वाली भाषा में
  • गहराई के साथ खबरें देने के उद्देश्य से बनाया गया

आज The Lallantop भारत के सबसे बड़े हिंदी डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स में से एक है।

लल्लनटॉप की खास पहचान

The Lallantop को अलग बनाता है:

  • बोलचाल की हिंदी
  • जमीन से जुड़ी खबरें
  • बिना चीख-चिल्लाहट वाली पत्रकारिता
  • युवाओं और नए दर्शकों से कनेक्शन

यह प्लेटफॉर्म राजनीति के साथ-साथ समाज, इतिहास, संस्कृति और करियर जैसे विषयों को भी कवर करता है।

सौरभ द्विवेदी की इंटरव्यू स्टाइल

सौरभ द्विवेदी की पहचान उनकी इंटरव्यू लेने की शैली है। उनके इंटरव्यू:

  • सवालों से ज्यादा बातचीत जैसे लगते हैं
  • सामने वाले को सहज बना देते हैं
  • जवाब निकलवाने पर फोकस करते हैं, फंसाने पर नहीं

यही वजह है कि बड़े नेता, अभिनेता और लेखक उनके सामने खुलकर बात करते हैं।

सौरभ द्विवेदी और राजनीति

राजनीतिक पत्रकार के रूप में सौरभ द्विवेदी की पकड़ मजबूत मानी जाती है। वे:

  • किसी पार्टी के प्रवक्ता नहीं बनते
  • तथ्यों और संदर्भ के साथ सवाल रखते हैं
  • आलोचना करते हैं, लेकिन सम्मान के साथ
उनकी यही निष्पक्षता उन्हें बाकी पत्रकारों से अलग बनाती है।

लेखन और विचारधारा

सौरभ द्विवेदी का लेखन:

  • तटस्थ
  • तथ्य आधारित
  • इतिहास और संदर्भ से जुड़ा हुआ

वे किसी विचारधारा का प्रचार नहीं करते, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देते हैं।

सौरभ द्विवेदी की लोकप्रियता

आज सौरभ द्विवेदी:

  • लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं
  • पत्रकारिता के छात्रों के लिए प्रेरणा हैं
  • डिजिटल मीडिया में भरोसे का नाम हैं

उनके वीडियो और इंटरव्यू सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे जाते हैं।

आलोचना और चुनौतियां

हर प्रभावशाली व्यक्ति की तरह सौरभ द्विवेदी को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कुछ लोग उन्हें:

  • ज्यादा सॉफ्ट मानते हैं
  • कुछ विचारों पर चुप रहने का आरोप लगाते हैं

लेकिन उन्होंने हमेशा आलोचना को सहजता से लिया और अपने काम पर ध्यान रखा।

सौरभ द्विवेदी की खास बातें

  • दिखावा नहीं करते
  • लोकप्रियता के पीछे नहीं भागते
  • भाषा को हथियार नहीं, सेतु मानते हैं
  • पत्रकारिता को जिम्मेदारी समझते हैं

निजी जीवन

सौरभ द्विवेदी अपने निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकार का काम उसका कंटेंट बोलना चाहिए, उसकी निजी जिंदगी नहीं।

सौरभ द्विवेदी क्यों जरूरी हैं?

आज के दौर में जब पत्रकारिता अक्सर शोर, सनसनी और टीआरपी तक सीमित हो गई है, ऐसे समय में सौरभ द्विवेदी जैसे पत्रकार यह याद दिलाते हैं कि:

  • सवाल पूछना जरूरी है
  • भाषा सरल हो सकती है
  • पत्रकारिता अब भी भरोसे के लायक हो सकती है

निष्कर्ष

सौरभ द्विवेदी आज के दौर में हिंदी पत्रकारिता का एक भरोसेमंद और सोचने वाला चेहरा हैं। उन्होंने यह दिखाया है कि पत्रकारिता सिर्फ तेज आवाज या सनसनी नहीं होती, बल्कि समझ, धैर्य और संवाद की कला भी होती है। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी भाषा है, जो सरल है, लेकिन असर गहरा छोड़ती है। The Lallantop के जरिए उन्होंने आम हिंदी भाषी दर्शक को केंद्र में रखा और यह साबित किया कि डिजिटल मीडिया में भी गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता संभव है। उनके इंटरव्यू सवाल-जवाब नहीं, बल्कि संवाद होते हैं, जिनमें सामने वाला खुलकर बोल पाता है। आने वाले समय में सौरभ द्विवेदी का काम पत्रकारिता के छात्रों, युवा दर्शकों और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए एक मजबूत मिसाल बना रहेगा।
 

 Q1. सौरभ द्विवेदी कौन हैं?

सौरभ द्विवेदी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार, लेखक और डिजिटल मीडिया उद्यमी हैं। वे हिंदी न्यूज प्लेटफॉर्म The Lallantop के संस्थापक संपादक हैं।

 Q2. सौरभ द्विवेदी The Lallantop से कैसे जुड़े हैं?

उन्होंने साल 2016 में The Lallantop की शुरुआत की, ताकि आम हिंदी भाषी दर्शकों तक सरल और गहराई वाली पत्रकारिता पहुंचाई जा सके।

Q3. सौरभ द्विवेदी की पत्रकारिता की खासियत क्या है?

उनकी पत्रकारिता शांत, तथ्य आधारित और संवाद पर केंद्रित होती है। वे शोरगुल से दूर रहकर सवाल पूछने में विश्वास रखते हैं।      

 Q4. सौरभ द्विवेदी किस तरह के इंटरव्यू के लिए जाने जाते हैं?

वे लंबे और गहराई वाले इंटरव्यू के लिए जाने जाते हैं, जहां बातचीत सहज होती है और जवाब स्वाभाविक रूप से निकलते हैं।

Q5. क्या सौरभ द्विवेदी राजनीतिक पत्रकार हैं?

हाँ, वे राजनीतिक पत्रकार हैं, लेकिन उनकी पहचान निष्पक्ष विश्लेषण और संतुलित दृष्टिकोण के लिए है। 

Q6. सौरभ द्विवेदी युवा पत्रकारों के लिए क्यों प्रेरणादायक हैं?

उन्होंने यह साबित किया है कि ईमानदारी, भाषा की समझ और कंटेंट की गुणवत्ता से भी बड़ा डिजिटल मंच बनाया जा सकता है।

Q7. The Lallantop क्यों अलग माना जाता है?

The Lallantop अपनी बोलचाल की हिंदी, जमीन से जुड़े विषयों और बिना सनसनी वाली खबरों के लिए जाना जाता है।

Q8. सौरभ द्विवेदी का पत्रकारिता में योगदान क्या है?

उन्होंने हिंदी डिजिटल पत्रकारिता को एक गंभीर, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित दिशा दी है।   

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