विराट कोहली का जीवन परिचय: जीवनी, रिकॉर्ड्स, कुल शतक, सेंचुरी लिस्ट, आँकड़े, आयु, परिवार, पत्नी, कुल संपत्ति और करियर विवरण (Virat Kohli Biography in Hindi: Records, Total Centuries, Stats, Age, Height, Family, Wife, Net Worth & Career Journey)
विराट कोहली क्रिकेट की दुनिया का ऐसा नाम हैं, जिनकी पहचान किसी परिचय की मोहताज नहीं है। वह भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं और दाएं हाथ के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, आक्रामकता और निरंतरता साफ दिखाई देती है, जिसने उन्हें विश्व क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई।
बचपन से ही विराट का झुकाव क्रिकेट की ओर था। उनकी रुचि और मेहनत को देखकर उनके पिता ने समय रहते उन्हें सही दिशा दी और हर संभव सहयोग किया। यही मार्गदर्शन आगे चलकर उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। कठिन अभ्यास, अनुशासन और सीखने की ललक ने विराट को आज इस ऊंचे मुकाम तक पहुंचाया।
विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व कर चुके हैं और लंबे समय तक टीम के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। इसके साथ ही वह इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम का भी अहम हिस्सा रहे हैं और कई वर्षों तक कप्तानी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनके नेतृत्व में टीम ने आक्रामक और आत्मविश्वासी क्रिकेट खेला।
क्रिकेट के प्रति उनके समर्पण और देश के लिए दिए गए योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2017 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। विराट कोहली की यात्रा सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने की प्रेरक कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनी हुई है।
विराट कोहली के जीवन से जुड़ी हर अहम और रोचक जानकारी, जिसे आमतौर पर लोग जानना चाहते हैं, हमने नीचे दी गई तालिका में सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत की है।
| पूरा नाम | विराट कोहली |
|---|---|
| Nick Name | Cheeku |
| नाम का अर्थ | शक्ति, ऊर्जा और साहस |
| जन्म तिथि | 5 नवम्बर 1988 |
| जन्म स्थान | दिल्ली, भारत |
| उम्र | 36 वर्ष (2025) |
| राशि | वृश्चिक (Scorpio) |
| Nationality | Indian |
| Religion | Hinduism |
| Height | 5 feet 9 inches (175 cm) |
| Weight | लगभग 69 kg |
| Batting Style | Right-handed |
| Bowling Style | Right-arm medium |
| Role | Top-order Batsman |
| Major Teams | India, RCB, Delhi |
| Captaincy | Former India & RCB Captain |
| Test Debut | 2011 vs West Indies |
| ODI Debut | 2008 vs Sri Lanka |
| T20I Debut | 2010 vs Zimbabwe |
| IPL Debut | 2008 (RCB) |
| Awards | Padma Shri, Khel Ratna, Arjuna Award |
| Marital Status | Married |
| Spouse | Anushka Sharma |
| Children | Vamika, Akaay |
| Net Worth | ₹1050+ Crore (Approx) |
| Hobbies | Fitness, Travelling, Music |
विराट कोहली के जीवन में उनके पिता की भूमिका बचपन से ही बेहद अहम रही। जब विराट मात्र तीन वर्ष के थे, तब वे अपने खिलौनों में सबसे ज्यादा क्रिकेट का बल्ला पसंद करते थे। जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, यह पसंद धीरे-धीरे शौक में और फिर जुनून में बदलने लगी। उनके पिता ने बहुत जल्दी समझ लिया था कि बेटे का यह लगाव साधारण नहीं है।
इसी समझ और विश्वास के साथ वे विराट को रोजाना अभ्यास के लिए लेकर जाते थे। मैदान पर बिताया गया हर दिन विराट को अनुशासन, मेहनत और खेल के प्रति गंभीरता सिखाता गया। पिता की यही प्रेरणा उनके व्यक्तित्व का आधार बन गई।
वर्ष 2006 में विराट कोहली के पिता का निधन हो गया। यह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था, लेकिन पिता द्वारा दी गई सीख और हौसले ने उन्हें टूटने नहीं दिया। आज भी विराट कोहली अपने पिता की उन बातों और संघर्षों को याद करते हैं, जिन्होंने उन्हें मजबूत बनाया और आगे बढ़ने की राह दिखाई।
विराट कोहली ने बहुत कम उम्र में यह साफ कर दिया था कि वे क्रिकेट के लिए बने हैं। वे एक भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जो दबाव में भी सहजता से बल्लेबाजी कर सकते हैं। इसके साथ ही वे राइट आर्म गेंदबाज भी रहे हैं।
साल 2002 में विराट ने अंडर-15 स्तर से क्रिकेट की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद 2004 में उनका चयन अंडर-17 टीम में हुआ। समय के साथ उनके खेल में निरंतर निखार आता गया। 2006 में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया, जहां उनके आत्मविश्वास और तकनीक ने सभी का ध्यान खींचा।
2008 में विराट को अंडर-19 भारतीय टीम में चुना गया। मलेशिया में खेले गए अंडर-19 विश्व कप में भारत की जीत के साथ ही उनके करियर ने नई दिशा पकड़ ली। इस टूर्नामेंट के बाद चयनकर्ताओं की नजर उन पर टिक गई और जल्द ही उन्हें वनडे इंटरनेशनल टीम में जगह मिल गई।
सिर्फ 19 साल की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू करना विराट के लिए गर्व का क्षण था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते 2011 में उन्हें विश्व कप खेलने का अवसर मिला और भारतीय टीम ने यह खिताब अपने नाम किया। इसी वर्ष विराट ने टेस्ट क्रिकेट में भी कदम रखा और वहां भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
2013 में वनडे क्रिकेट में शतक लगाकर उन्होंने खुद को एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया। इसके बाद टी20 फॉर्मेट में भी वे लगातार सफल रहे। 2014 और 2016 में टी20 विश्व कप के दौरान शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला। 2014 से 2017 के बीच विराट की निरंतरता और आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को कई यादगार जीत दिलाईं और उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया।
वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर मौके पर खुद को साबित किया। टेस्ट टीम में जगह बनाने के बाद उन्होंने वनडे में छठे नंबर से बल्लेबाजी शुरू की। शुरुआती दो मैच भारत हार गया, लेकिन इसके बाद उन्होंने 116 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। हालांकि भारत यह मैच नहीं जीत सका, फिर भी उस पारी ने विराट को चर्चा में ला दिया।
इसके बाद कॉमनवेल्थ बैंक ट्राएंगुलर सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सात मैचों में भारत को मिली-जुली सफलता मिली। फाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका के खिलाफ 321 रन का लक्ष्य हासिल करना जरूरी था। इस अहम मुकाबले में विराट ने 133 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच बने। इस मैच की खास बात यह रही कि लसिथ मलिंगा जैसे तेज गेंदबाज ने एक ओवर में 24 रन दिए, फिर भी उनकी टीम जीत नहीं सकी।
लगातार शानदार प्रदर्शन को देखते हुए 2012 में विराट को एशिया कप के लिए उपकप्तान बनाया गया। उस समय यह साफ कहा गया कि यदि वे इसी तरह खेलते रहे, तो भविष्य में भारतीय टीम की कमान संभालेंगे। विराट ने इस भरोसे को सही साबित किया।
अपने 11वें वनडे मैच में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 148 गेंदों में 183 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 22 चौके और एक छक्का शामिल था। भारत ने 330 रन का लक्ष्य हासिल कर एशिया कप के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया। इस यादगार पारी के लिए विराट को एक बार फिर मैन ऑफ द मैच चुना गया।
यहीं से विराट कोहली का वनडे करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे भारत की जीत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे।
विराट कोहली का टी20 इंटरनेशनल करियर भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली अध्यायों में गिना जाता है। उन्होंने इस फॉर्मेट में खुद को एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया, जो मुश्किल हालात में भी टीम को संभालना जानता है। विराट का खेल टी20 में सिर्फ तेज रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैच को अंत तक ले जाने की उनकी क्षमता उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
विराट कोहली ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच साल 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला। शुरुआती मैचों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन जैसे-जैसे अनुभव बढ़ा, उनका खेल निखरता चला गया। उन्होंने अपनी तकनीक को टी20 के हिसाब से ढाला और जोखिम व संयम के बीच संतुलन बनाना सीख लिया।
टी20 विश्व कप में विराट कोहली का प्रदर्शन खास तौर पर याद किया जाता है। 2014 और 2016 के टी20 विश्व कप में उन्होंने लगातार शानदार पारियां खेलीं। 2014 विश्व कप में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता। वहीं 2016 में भी उनका बल्ला जमकर बोला और वे एक बार फिर भारत की जीत की सबसे बड़ी उम्मीद बने। इन दोनों टूर्नामेंट्स में उन्हें कई बार मैन ऑफ द मैच चुना गया।
विराट कोहली की टी20 बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वे लक्ष्य का पीछा करते समय बेहद शांत और सटीक नजर आते थे। बड़े स्कोर का दबाव हो या मजबूत गेंदबाजी आक्रमण, विराट अक्सर मैच को भारत के पक्ष में मोड़ देते थे। उनकी फिटनेस, तेज दौड़ और मैदान पर ऊर्जा ने उन्हें इस फॉर्मेट में और भी खतरनाक बना दिया।
टी20 इंटरनेशनल में विराट कोहली ने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि युवाओं के लिए एक उदाहरण भी पेश किया। उनकी निरंतरता, मैच के अनुसार खेलने की समझ और जिम्मेदारी ने उन्हें भारत के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया। यही वजह है कि टी20 क्रिकेट में विराट कोहली का नाम हमेशा भरोसे और जीत के साथ जुड़ा रहेगा।
| फॉर्मेट | शतक | खास बात |
|---|---|---|
| टेस्ट क्रिकेट | 30 | विदेशी पिचों पर शानदार शतक |
| वनडे इंटरनेशनल (ODI) | 55 | चेज़ करते हुए सबसे ज्यादा शतक |
| टी20 इंटरनेशनल (T20I) | 1 | विश्व कप में ऐतिहासिक शतक |
| आईपीएल (IPL) | 8 | एक टीम के लिए सबसे ज्यादा शतक |
| कुल | 94 | सभी फॉर्मेट मिलाकर |
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